शनि. अप्रैल 11th, 2026

250 फीट का ‘आर्क दे ट्रंप’: क्या वाशिंगटन का स्काईलाइन बदल जाएगा?

ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 250 फीट ऊंचे 'ट्रायम्फल आर्क' का डिजाइन शुक्रवार को पेश किया गया. यह स्मारक लिंकन मेमोरियल और आर्लिंगटन नेशनल सीमेट्री के बीच बनाया जाएगा. फोटो: Reuters

वाशिंगटन डीसी में आर्लिंगटन नेशनल सीमेट्री के पास की सड़कों पर एक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित ‘ट्रायम्फल आर्क’ का नया डिजाइन पेश कर दिया.

यह 250 फीट (76 मीटर) ऊंचा स्मारक लिंकन मेमोरियल से दोगुना बड़ा होगा और राजधानी के स्काईलाइन को बदल देगा. ट्रंप प्रशासन ने इसे आधिकारिक तौर पर ‘कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स’ की समीक्षा के लिए भेज दिया है.

इस आर्क को मुख्य रूप से अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर बनाने की योजना है. इसे लिंकन मेमोरियल और सैन्य कब्रिस्तान के बीच मौजूद एक खाली ट्रैफिक सर्किल पर बनाया जाएगा.

इस अहम जगह को ‘मेमोरियल सर्किल’ कहा जाता है. एक सदी से भी ज्यादा समय से शहर के योजनाकार इस जगह को एक संभावित स्मारक के लिए देखते आ रहे हैं.

रोमन वास्तुकला और सोने की सजावट

हैरिसन डिजाइन द्वारा तैयार किया गया यह नया आर्क हाथी दांत के रंग का होगा. यह मुख्य रूप से प्राचीन रोमन ‘आर्क ऑफ टाइटस’ की तर्ज पर बना है और पेरिस के ‘आर्क दे ट्रायम्फ’ जैसा दिखता है.

इस ढांचे के सबसे ऊपरी हिस्से पर 60 फीट की एक मूर्ति स्थापित की जाएगी. यह मूर्ति ‘लेडी लिबर्टी’ की तरह दिखेगी, जिसके पीछे देवदूतों जैसे बड़े और सुनहरे पंख लगे होंगे.

लेडी लिबर्टी की मूर्ति के दोनों तरफ 24 फीट ऊंची सोने की चील की मूर्तियां लगाई जाएंगी. ओवल ऑफिस में देखे गए पुराने डिजाइन में इन चीलों के पंख बंद थे, लेकिन शुक्रवार को पेश किए गए नए मॉडल में वे फैले हुए हैं.

आर्क के दोनों तरफ अमेरिका की राष्ट्रीय शपथ के दो ऐतिहासिक वाक्य उकेरे जाएंगे. ये वाक्य हैं- “वन नेशन अंडर गॉड” और “लिबर्टी एंड जस्टिस फॉर ऑल”. इस पूरे ढांचे के आधार पर सोने के चार शेरों की मूर्तियां होंगी.

ट्रंप ने पिछले साल कहा था कि यह आर्क मेमोरियल ब्रिज से आने वाले लोगों का राजधानी में स्वागत करेगा. मीडिया में इस प्रोजेक्ट को ‘आर्क दे ट्रंप’ के नाम से जाना जाने लगा है.

प्रशासन का तर्क और दिग्गजों का विरोध

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगल ने एक आधिकारिक बयान जारी कर प्रशासन का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि यह स्मारक दिग्गजों, शहीदों के परिवारों और सभी अमेरिकियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा.

इंगल ने कहा, “यह हमारे 250 वर्षों के इतिहास में कई अमेरिकी नायकों के महान बलिदानों की एक दृश्य याद दिलाएगा, ताकि आज हम अपनी स्वतंत्रता का आनंद ले सकें.”

प्रशासन के इन बयानों के बीच, इस प्रोजेक्ट का कड़ा कानूनी विरोध शुरू हो गया है. कई सैन्य दिग्गजों और ऐतिहासिक संरक्षणवादियों ने आर्क के निर्माण को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

विरोध का मुख्य कारण इस स्मारक की 250 फीट की ऊंचाई है. आलोचकों का तर्क है कि यह 430,000 शहीदों वाले आर्लिंगटन नेशनल सीमेट्री और वहां के शांत वातावरण पर पूरी तरह से हावी हो जाएगा.

द कल्चरल लैंडस्केप फाउंडेशन के प्रमुख चार्ल्स ए. बर्नबाम ने इस प्रस्ताव की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह स्मारक एक असंगत और परेशान करने वाली रुकावट पैदा करेगा.

बर्नबाम के अनुसार, “यह वाशिंगटन के मौजूदा स्मारकों के सावधानीपूर्वक रचे गए रिश्तों में दखल देगा.” पैदल चलने वालों के दृश्यों के बाधित होने की चिंता भी स्पष्ट रूप से जताई जा रही है.

सुरक्षित भूमि का कानून और अदालत

इस प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी कानूनी बाधा भूमि के नियमों की है. अमेरिकी कानून के तहत ‘मेमोरियल सर्किल’ को संरक्षित भूमि (protected land) माना जाता है.

ऐसे संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी नए स्मारक के निर्माण के लिए अमेरिकी कांग्रेस (संसद) से आधिकारिक मंजूरी लेना अनिवार्य है. सरकारी निगरानी संस्था ‘पब्लिक सिटिजन’ इसी आधार पर प्रोजेक्ट को रोकने की मांग कर रही है.

फरवरी महीने में सैन्य दिग्गजों ने अदालत में मुकदमा दायर किया था. पिछले महीने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता भी इस कानूनी लड़ाई में शामिल हो गए हैं और वे भी इसे रोकना चाहते हैं.

मुकदमों के बावजूद, ट्रंप अपनी योजना को लेकर आश्वस्त हैं. उन्होंने सैन्य दिग्गजों के मुकदमे पर कहा, “आप मजाक कर रहे होंगे. मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा चल रहा है, और हमारे पूर्व सैनिकों को तो इसे पसंद करना चाहिए.”

फाइन आर्ट्स कमीशन की भूमिका

आंतरिक विभाग ने ‘कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स’ के सामने अपनी योजनाएं आधिकारिक तौर पर पेश कर दी हैं. यह समिति राजधानी के वास्तुशिल्प मामलों पर सरकार को अपनी विशेषज्ञ सलाह देती है.

इस कमीशन में वर्तमान में राष्ट्रपति ट्रंप के सहयोगी शामिल हैं. समिति के अध्यक्ष रोडनी मिम्स कुक जूनियर पहले ही इस प्रस्ताव और इसके स्थान का समर्थन कर चुके हैं.

कुक ने खुद दो दशक पहले वाशिंगटन में एक मेमोरियल आर्क का प्रस्ताव रखा था. गुरुवार को होने वाली बैठक में वह इस योजना के हर पहलू की बारीकी से समीक्षा करेंगे.

कुक वाशिंगटन एंड ली यूनिवर्सिटी के स्नातक हैं और जनरल रॉबर्ट ई. ली की विरासत के प्रति संवेदनशील हैं. वे इस बात की जांच करेंगे कि यह आर्क आर्लिंगटन हाउस (ली की पूर्व संपत्ति) के दृश्यों को कैसे प्रभावित करेगा.

कुक ने एक इंटरव्यू में कहा, “राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन के बाद से ऐसा कोई निर्माता राष्ट्रपति नहीं हुआ है, और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हमें एक और ऐसा राष्ट्रपति मिले.

“अगर यह आर्क बनता है, तो यह 1943 के बाद शहर का सबसे बड़ा संघीय स्मारक होगा. राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट की देखरेख में थॉमस जेफरसन मेमोरियल का निर्माण उसी साल हुआ था.

फंडिंग का रहस्य और वाशिंगटन में बदलाव

राष्ट्रपति ट्रंप शुरू से ही इस आर्क को दुनिया में सबसे बड़ा बनाना चाहते हैं. यह स्मारक 164 फीट ऊंचे पेरिस के ‘आर्क दे ट्रायम्फ’ से काफी ऊंचा होगा, हालांकि 555 फीट ऊंचे वाशिंगटन स्मारक से आधा ही रहेगा.

ट्रंप ने जनवरी में पत्रकारों से कहा था, “मैं चाहूंगा कि यह सबसे बड़ा हो. हम सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली राष्ट्र हैं.”

प्रशासन ने अब तक निर्माण खर्च का ब्यौरा साझा नहीं किया है. ट्रंप ने पहले निजी चंदे की बात कही थी, लेकिन ‘नॉटस’ की रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए ‘नेशनल एंडोमेंट फॉर द ह्यूमैनिटीज’ के जरिए करदाताओं के पैसे का भी इस्तेमाल हो सकता है.

यह प्रोजेक्ट वाशिंगटन डीसी में चल रहे ट्रंप के कई बदलावों का हिस्सा है. प्रशासन ने आइजनहावर एक्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग को सफेद रंगने और पेन्सिलवेनिया एवेन्यू को बदलने का भी प्रस्ताव दिया है.

ट्रंप ने हाल ही में ‘कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स’ में अपना नाम जोड़ा है. इसके अलावा, व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को एक स्टेट बॉलरूम बनाने के लिए ढहा दिया गया था.

हालांकि, एक संघीय न्यायाधीश ने 400 मिलियन डॉलर के बॉलरूम प्रोजेक्ट पर पिछले महीने रोक लगा दी है. अदालत का कहना था कि इस प्रोजेक्ट के लिए भी कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता है.

इकोनॉमिस्ट/यूगॉव के फरवरी पोल के अनुसार, 21 प्रतिशत लोगों ने इस प्रस्तावित आर्क का समर्थन किया है. वहीं, 52 प्रतिशत लोगों ने इसका विरोध किया है.

यह 250 फीट ऊंचा आर्क अमेरिकी राजधानी के इतिहास का सबसे बड़ा नया ढांचा बन सकता है. कांग्रेस की अनिवार्य मंजूरी और अदालती मामलों के बीच, क्या यह स्मारक जमीन पर उतर पाएगा या सिर्फ नक्शों तक सीमित रह जाएगा?

By Muhammad Sultan

मैं मुहम्मद सुल्तान हूँ, एक पैशनेट न्यूज़ राइटर। 'Global Update Today' के ज़रिए मेरी कोशिश रहती है कि दुनिया के हर कोने से साइंस, स्पेस और करंट अफेयर्स की वो ख़बरें आप तक लाऊँ, जो आपके लिए जानना ज़रूरी हैं। मेरी लिखी ख़बरों में आपको हमेशा डीप रिसर्च और आसान भाषा मिलेगी।

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