गुरु. अप्रैल 9th, 2026

2026 में बन सकता है मजबूत अल नीनो, क्या बदल जाएगा मौसम?

प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान और मौसम विज्ञानियों के पूर्वानुमान। मॉडल डेटा 2026 में अल नीनो की बढ़ती संभावना को दिखाता है।

प्रशांत महासागर में तेजी से बदलते संकेत अब एक बड़े मौसमी बदलाव की तरफ इशारा कर रहे हैं। 2026 के मध्य तक अल नीनो (El Niño) बनने की संभावना तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, इसकी तीव्रता को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

पश्चिमी प्रशांत महासागर में हाल के ट्रॉपिकल साइक्लोन पैटर्न पर मौसम विज्ञानियों की बारीक नज़र है। वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी हवाओं के मजबूत झोंके (westerly wind bursts) इस प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं, हालांकि इनकी तीव्रता को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आ रहे हैं।

ये हवाएं समुद्र के गर्म पानी को पूर्व दिशा की ओर धकेल रही हैं। यही प्रक्रिया आगे चलकर अल नीनो को जन्म देती है। यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बानी के वैज्ञानिक पॉल रांडी का मानना है कि मौजूदा स्थिति एक मजबूत अल नीनो में बदल सकती है। हालांकि, उनका ‘140 साल के सबसे बड़े अल नीनो’ वाला दावा अभी एक संभावित आकलन है, अंतिम निष्कर्ष नहीं।

ला नीना का असर हो रहा है कम

डेटा संकेत देता है कि लंबे समय से चल रही ला नीना (La Niña) की स्थिति कमजोर पड़ रही है। प्रशांत महासागर अब ENSO-न्यूट्रल की ओर बढ़ रहा है। समुद्र की सतह से लेकर गहराई तक गर्म पानी का फैलाव देखा जा रहा है।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट एंड सोसाइटी (IRI) के वैज्ञानिक मुहम्मद अजहर एहसान इसे अहम मानते हैं। उनका कहना है कि इस साल कई मॉडल एक ही नतीजे पर सहमत दिख रहे हैं। यूरोप के अलावा ऑस्ट्रेलिया और नासा के फोरकास्टर भी मजबूत अल नीनो के संकेत दे रहे हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल समय और तीव्रता को लेकर पूरी तरह एकमत नहीं हैं।

ताज़ा डेटा क्या कहता है?

आधिकारिक NOAA CPC ENSO प्रोबेबिलिटीज और IRI के डेटा इस बदलाव को साफ़ दिखाते हैं। NOAA और IRI जैसे संस्थानों के ये आंकड़े वैश्विक स्तर पर सबसे भरोसेमंद माने जाते हैं।

मार्च से मई (MAM) के दौरान स्थिति 90% तक न्यूट्रल रहने की उम्मीद है। लेकिन मई के बाद के महीनों में यह पूर्वानुमान बदलने लगता है।

IRI के मॉडल के अनुसार, मई से अल नीनो की संभावना 70% से ऊपर जा सकती है, जो अगस्त तक 77% तक पहुंच सकती है। ये अनुमान समय के साथ बदल सकते हैं, क्योंकि ENSO पूर्वानुमान मौसम और महासागरीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। एक मजबूत अल नीनो वैश्विक तापमान को और बढ़ा सकता है, हालांकि सटीक प्रभाव कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करेगा।

कैलिफोर्निया के लिए इसके असल मायने

आमतौर पर अल नीनो का नाम आते ही कैलिफोर्निया और पश्चिमी अमेरिका में भारी बारिश की उम्मीद की जाती है। लेकिन पिछले अनुभव बताते हैं कि हर अल नीनो एक जैसा असर नहीं डालता। साल 2015 में भी एक मजबूत अल नीनो आया था।

उस वक्त कैलिफोर्निया कई सालों के गंभीर सूखे का सामना कर रहा था। उस अल नीनो ने सूखे को खत्म नहीं किया, और दक्षिणी कैलिफोर्निया में सामान्य से मात्र 72 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई।

1997 के ऐतिहासिक पैटर्न से तुलना

वैज्ञानिक पॉल रांडी के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम 2015 के बजाय 1997 के पैटर्न से कुछ हद तक मेल खा रहा है। 1997 में समुद्र के गर्म होने की शुरुआत दक्षिण अमेरिकी तट के पास पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र से हुई थी।

जब भी ऐसा पैटर्न बनता है, उसके नतीजे बड़े होते हैं। 1982-83 के अल नीनो के दौरान आए तूफानों ने समुद्र किनारे बने 33 घरों को तबाह कर दिया था। वहीं, 1997-98 की सर्दियों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश और तूफान देखे गए थे।

उस दौरान कैलिफोर्निया के अलग-अलग हिस्सों में सामान्य से 160% से 207% तक बारिश दर्ज की गई थी:

  • नॉर्थ कोस्ट: 160%
  • सैक्रामेंटो रिवर: 168%
  • सैन जोकिन रिवर: 189%
  • सैन फ्रांसिस्को बे: 195%
  • सेंट्रल कोस्ट: 205%
  • साउथ कोस्ट: 207%

आगे क्या उम्मीद की जाए?

स्क्रिप्स इंस्टीट्यूशन ऑफ ओशनोग्राफी के रिसर्चर डेनियल सायन के मुताबिक, अगर यह स्थिति सर्दियों तक बनी रहती है, तो प्रशांत महासागर के तूफान सीधे कैलिफोर्निया की ओर मुड़ सकते हैं। इससे सूखे की मार झेल रहे इलाकों को नमी मिल सकती है।

लेकिन मौसम विज्ञानी किसी भी भविष्यवाणी को लेकर सतर्क हैं। आज समुद्र का तापमान पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है, इसलिए ऐतिहासिक पैटर्न का पूरी तरह दोहराया जाना तय नहीं है।

अभी संकेत मजबूत हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर आने वाले महीनों में ही साफ होगी — और यही तय करेगा कि 2026 का अल नीनो कितना असर डालता है।


By Muhammad Sultan

मैं मुहम्मद सुल्तान हूँ, एक पैशनेट न्यूज़ राइटर। 'Global Update Today' के ज़रिए मेरी कोशिश रहती है कि दुनिया के हर कोने से साइंस, स्पेस और करंट अफेयर्स की वो ख़बरें आप तक लाऊँ, जो आपके लिए जानना ज़रूरी हैं। मेरी लिखी ख़बरों में आपको हमेशा डीप रिसर्च और आसान भाषा मिलेगी।

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