नासा ने ब्लू ओरिजिन को पहला चंद्र आधार मिशन दिया

नासा 2026 में तीन मानवरहित चंद्र मिशनों से दीर्घकालिक चंद्र आधार योजना शुरू करेगा।

नासा ने ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) को 2026 के पहले मानवरहित चंद्र आधार मिशन के लिए चुना है। नासा प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने 27 मई 2026 को वॉशिंगटन में इसकी घोषणा की।

एजेंसी ने कहा कि 2026 में तीन मानवरहित मिशन भेजे जाएंगे। इनका उद्देश्य चंद्र दक्षिणी ध्रुव पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति की तैयारी करना है।

यह परियोजना उस चंद्र आधार योजना का हिस्सा है जिसकी अनुमानित लागत 20 अरब डॉलर बताई गई है।

जेरेड इसाकमैन, नासा प्रशासक, ने कहा: “मून बेस वन इतिहास का पहला निजी वित्त पोषित चंद्र लैंडर मिशन होगा।”

उन्होंने कहा कि यह मिशन भविष्य के मानव लैंडिंग अभियानों के लिए जरूरी तकनीकों का परीक्षण करेगा।

ब्लू ओरिजिन को इस मिशन के लिए 188 मिलियन डॉलर का प्रारंभिक अनुबंध दिया गया है। नासा ने कहा कि दो अतिरिक्त कार्य आदेशों के लिए 280.4 मिलियन डॉलर का विकल्प भी रखा गया है।

मून बेस : शैकलटन रिज पर पहला उतरान

पहला मिशन 2026 की शरद ऋतु तक शुरू हो सकता है। इसमें ब्लू ओरिजिन का “ब्लू मून मार्क 1 एंड्योरेंस” लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास शैकलटन कनेक्टिंग रिज क्षेत्र में वैज्ञानिक उपकरण पहुंचाएगा।

नासा के अनुसार, मिशन में लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टिव एरे भी शामिल होगा। इसका उद्देश्य कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यानों को परावर्तित लेजर संकेतों की मदद से अधिक सटीक स्थिति मापने में सहायता देना है।

आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन 10 अप्रैल 2026 को पूरा हुआ। चार अंतरिक्ष यात्रियों ने 1972 के बाद पहली बार चंद्रमा की परिक्रमा की थी।

इसी मिशन के बाद नासा ने चंद्र आधार योजना में तेजी लाई।

जेरेड इसाकमैन, नासा प्रशासक, ने कहा: “हम सीधे कांच के गुंबद वाले चंद्र आधार पर नहीं जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि एजेंसी क्रमिक तरीके से आगे बढ़ना चाहती है। इसमें लैंडर, रोवर और तकनीकी प्रदर्शनों का परीक्षण शामिल होगा।

तीन मिशन, तीन अलग लक्ष्य

नासा ने कहा कि मून बेस II मिशन में पिट्सबर्ग स्थित एस्ट्रोबोटिक (Astrobotic) का ग्रिफिन लैंडर इस्तेमाल होगा। यह मिशन 1,100 पाउंड से अधिक कार्गो चंद्र सतह तक पहुंचाएगा।

इसमें एस्ट्रोलैब (Astrolab) का फ्लिप रोवर भी शामिल होगा।

एजेंसी के अनुसार, इस मिशन का उद्देश्य भविष्य के मानव चालित चंद्र वाहनों के लिए गतिशीलता प्रणालियों का परीक्षण करना है।

मून बेस III मिशन में इंट्यूटिव मशीन्स (Intuitive Machines) का नोवा-सी ट्रिनिटी लैंडर इस्तेमाल किया जाएगा।

इस मिशन में “लूनर वर्टेक्स” जांच शामिल होगी। वैज्ञानिक चंद्र सतह पर मौजूद चमकीले घुमावदार निशानों का अध्ययन करेंगे।

नासा ने कहा कि ये निशान संभवतः चुंबकीय क्षेत्रों और अंतरिक्षीय अपक्षय प्रक्रियाओं से जुड़े हो सकते हैं।

इस मिशन में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और कोरिया एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस साइंस इंस्टीट्यूट के पेलोड भी शामिल होंगे।

रोवर और ड्रोन के लिए 439 मिलियन डॉलर

नासा ने एस्ट्रोलैब को उसके सीएलवी-1 रोवर के लिए 219 मिलियन डॉलर दिए हैं। लूनर आउटपोस्ट (Lunar Outpost) को “पेगासस” रोवर के लिए 220 मिलियन डॉलर मिले हैं।

नासा के अनुसार, दोनों रोवर कठिन चंद्र भूभाग में मानव और माल परिवहन के लिए विकसित किए जा रहे हैं।

लूनर आउटपोस्ट का रोवर स्वायत्त, मैनुअल और दूरस्थ संचालन मोड में काम कर सकेगा।

एजेंसी ने “मूनफॉल” मिशन का भी विवरण दिया।

इसे जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी और फायरफ्लाई एयरोस्पेस (Firefly Aerospace) मिलकर बना रहे हैं। इसमें चार स्वायत्त ड्रोन चंद्र सतह पर उछलते हुए संभावित लैंडिंग क्षेत्रों की जांच करेंगे।

नासा ने कहा कि इस मिशन का प्रक्षेपण 2028 के लिए निर्धारित है। फायरफ्लाई एयरोस्पेस को इसके लिए 75 मिलियन डॉलर का उप-अनुबंध दिया गया है।

फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने मार्च 2025 में अपने “ब्लू घोस्ट” लैंडर से सफल निजी चंद्र लैंडिंग की थी।

ब्लू ओरिजिन बनाम स्पेसएक्स: अगला दौर

ब्लू ओरिजिन और स्पेसएक्स (SpaceX) दोनों आर्टेमिस कार्यक्रम के मानव लैंडर अनुबंधों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

अगले वर्ष निम्न पृथ्वी कक्षा में आर्टेमिस III परीक्षण होगा। नासा उसमें स्पेसएक्स स्टारशिप ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम और ब्लू ओरिजिन के ब्लू मून लैंडर दोनों का मूल्यांकन करेगा।

ब्लू ओरिजिन को पिछले महीने झटका लगा था। उसके न्यू ग्लेन रॉकेट की तीसरी उड़ान का पेलोड गलत कक्षा में पहुंच गया था।

हालांकि अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले सप्ताह कंपनी को फिर से उड़ान की अनुमति दे दी।

नासा ने यह भी कहा कि मूल आर्टेमिस योजना का हिस्सा रहे “लूनर गेटवे” अंतरिक्ष स्टेशन को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

एजेंसी ने कहा कि चंद्र कार्यक्रम का एक उद्देश्य चीन की बढ़ती चंद्र गतिविधियों के बीच अमेरिकी उपस्थिति को मजबूत करना भी है।

चीन के चांग’ई कार्यक्रम का लक्ष्य 2030 से पहले अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजना है। 2035 तक चंद्र आधार बनाने की भी योजना है।

इसाकमैन ने कहा कि इन मिशनों से मिला अनुभव भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों में उपयोगी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि एजेंसी आने वाले महीनों में एक दर्जन से अधिक अतिरिक्त चंद्र आधार मिशनों की घोषणा कर सकती है।

मुख्य तथ्य
  • नासा ने ब्लू ओरिजिन को 188 मिलियन डॉलर का प्रारंभिक अनुबंध दिया
  • 2026 में तीन मानवरहित चंद्र आधार मिशन निर्धारित हैं
  • आर्टेमिस II मिशन 10 अप्रैल 2026 को पूरा हुआ
  • एस्ट्रोलैब और लूनर आउटपोस्ट को कुल 439 मिलियन डॉलर के रोवर अनुबंध मिले
  • मूनफॉल ड्रोन मिशन का प्रक्षेपण 2028 के लिए निर्धारित है

By Muhammad Sultan

मैं मुहम्मद सुल्तान हूँ, एक पैशनेट न्यूज़ राइटर। 'Global Update Today' के ज़रिए मेरी कोशिश रहती है कि दुनिया के हर कोने से साइंस, स्पेस और करंट अफेयर्स की वो ख़बरें आप तक लाऊँ, जो आपके लिए जानना ज़रूरी हैं। मेरी लिखी ख़बरों में आपको हमेशा डीप रिसर्च और आसान भाषा मिलेगी।

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