अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में सोना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। फिलीपींस के लुज़ोन द्वीप पर इस समय 4,058 लोग 13 अलग-अलग राहत शिविरों में इसी अनिश्चितता के साथ रह रहे हैं। उनके घरों के पास मौजूद देश का सबसे सक्रिय मेयोन ज्वालामुखी एक बार फिर लावा और बड़ी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड गैस छोड़ रहा है।
ज़मीनी हालात और विस्थापन
प्रशासन ने पहाड़ के चारों ओर 6 किलोमीटर के दायरे को ‘स्थायी खतरे का क्षेत्र’ घोषित किया है। तबाको सिटी, मालिलपोट और कैमालिग जैसे इलाकों से लोगों को तुरंत निकाला गया है।
आपदा प्रतिक्रिया संचालन निगरानी और सूचना केंद्र के 10 मार्च के आंकड़ों के अनुसार 1,116 परिवार शिविरों में हैं। इसके अलावा 16 परिवार अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के पास रुके हुए हैं। इन 48 लोगों को मिलाकर कुल 4,106 लोग विस्थापित हुए हैं।
लावा और पायरोक्लास्टिक फ्लो का दायरा
ज्वालामुखी के फटने पर सबसे बड़ा खतरा लावा नहीं, बल्कि ‘पायरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट्स’ होते हैं। ये अत्यधिक गर्म राख, गैस और मलबे के तेज़ बहाव होते हैं जो पहाड़ की ढलानों से नीचे गिरते हैं।
26 फरवरी को नासा के लैंडसैट-8 सैटेलाइट ने इन्फ्रारेड डेटा का उपयोग करके लावा की गर्मी को मापते हुए इस पहाड़ की तस्वीरें लीं। उसी दिन वैज्ञानिकों ने दर्ज किया कि सबसे लंबा पायरोक्लास्टिक फ्लो दक्षिण-पूर्वी ढलान के Mi-isi नाले में लगभग 4 किलोमीटर तक फैल गया था। इससे पहले 8 और 9 फरवरी को 469 बार चट्टानें गिरने की घटनाएं और 12 बड़े पायरोक्लास्टिक फ्लो देखे गए थे।
वैज्ञानिकों के अनुसार लावा भी अलग-अलग ढलानों में आगे बढ़ रहा है। मार्च के शुरुआती दिनों में Basud नाले में लगभग 3.8 किलोमीटर, Bonga में 3.1 किलोमीटर और Mi-isi में करीब 1.3 किलोमीटर तक लावा दर्ज किया गया।
बढ़ती भूकंपीय गतिविधियां और गैस उत्सर्जन
वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी पर किसी भी समय लगभग 20 ज्वालामुखी सक्रिय रूप से फट रहे होते हैं। 2,400 मीटर ऊंचा मेयोन भी इस समय उसी श्रेणी में है।
पहाड़ के अंदर मैग्मा का दबाव लगातार बढ़ रहा है। 10 मार्च को सिस्मिक नेटवर्क ने एक ही दिन में 202 ज्वालामुखीय भूकंप दर्ज किए। मार्च के पहले सप्ताह में रोज़ाना 246 से 373 के बीच चट्टानें गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।
इस विस्फोट के दौरान सल्फर डाइऑक्साइड गैस का औसत उत्सर्जन लगभग 2,466 टन प्रतिदिन रहा है। 4 फरवरी को यह उत्सर्जन 6,569 टन था, जिसे 6 मार्च को 7,633 टन के नए स्तर ने पार कर लिया।
इतिहास और प्रशासनिक अलर्ट
फिलीपींस के ज्वालामुखी विज्ञान संस्थान ने 6 जनवरी को ही अलर्ट का स्तर बढ़ाकर 3 कर दिया था। इस पहाड़ का इतिहास काफी विनाशकारी रहा है।
इतिहास बताता है कि पिछले पाँच हजार वर्षों में मेयोन ज्वालामुखी कम से कम 65 बार विस्फोट कर चुका है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि इन्ही पायरोक्लास्टिक फ्लो के कारण 1814 में 1,000 से अधिक, 1897 में 400 और 1993 में 77 लोगों की मौत हुई थी। एक बड़े विस्फोट के दौरान 1984 में 73,000 लोगों को निकाला गया था।
आगे का रास्ता
वैज्ञानिक लगातार इस ज्वालामुखी की निगरानी कर रहे हैं। विमानन अधिकारियों ने पायलटों को पहाड़ के शिखर के पास उड़ान भरने से बचने का निर्देश दिया है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों को अब बस पहाड़ के शांत होने का इंतज़ार है।

