हम अक्सर जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए घने जंगलों की बात करते हैं। लेकिन असली कहानी ज़मीन के नीचे छिपी है। ब्राज़ील के सेराडो सवाना में एक ऐसा विशाल प्राकृतिक कार्बन भंडार मौजूद है, जो हज़ारों सालों से ज़मीन के नीचे कार्बन को सुरक्षित जमा करता आ रहा है।
सेराडो सवाना की अनोखी दुनिया
अमेज़ॅन वर्षावन के बिल्कुल करीब सेराडो नाम का सवाना इलाका है। यह पूरी दुनिया का सबसे अधिक जैव विविधता वाला सवाना है। यहाँ दूर-दूर तक फैली घास के बीच पेड़ दिखाई देते हैं।
इस जगह की सबसे बड़ी खासियत ज़मीन के गहरे हिस्सों में दबा हुआ ‘पीट’ है। यह असल में जमा हुआ कार्बन है, जो दलदली ज़मीनों में सुरक्षित रहता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार सेराडो की दलदली ज़मीन प्रति हेक्टेयर अमेज़ॅन के पेड़ों के कुल जैविक द्रव्यमान (बायोमास) से लगभग छह गुना अधिक कार्बन संचित कर सकती है।
हज़ारों सालों का प्राकृतिक कार्बन बैंक
स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंपिनास और कैरी इंस्टीट्यूट से जुड़ीं शोधकर्ता लारिसा वेरोना ने इस इलाके का गहराई से अध्ययन किया है। उन्होंने पाया कि इस सवाना का सिर्फ एक हेक्टेयर नष्ट होने पर अमेज़ॅन के एक हेक्टेयर की तुलना में छह गुना अधिक कार्बन हवा में घुल जाता है।
पीट बनने के लिए ज़मीन का पानी से भरा होना ज़रूरी है। जब ज़मीन लंबे समय तक पानी से भरी रहती है, तो वहां ऑक्सीजन बहुत कम रह जाती है।
ऐसे माहौल में मृत पौधों को तोड़ने वाले सूक्ष्म जीव सक्रिय नहीं हो पाते और कार्बन मिट्टी में जमा होता जाता है। सेराडो में मुख्य रूप से घास हर साल इसी तरह जमा होती है और बिना सड़े कार्बन की परतें बनाती है।
वेरोना की टीम को ज़मीन के नीचे 20,000 साल तक पुराना पीट मिला है।
छोटे पौधों में छिपी विशाल जैव विविधता
सेराडो ब्राज़ील का दूसरा सबसे बड़ा बायोम है। कैरी इंस्टीट्यूट की पारिस्थितिकीविद् एमी ज़ैन बताती हैं कि यह इलाका छोटे पौधों से भरा है।
शोधकर्ताओं ने केवल तीन गुणा तीन फीट के एक छोटे से हिस्से में पौधों की 50 अलग-अलग प्रजातियों की गिनती की।
ये पौधे अमेज़ॅन के ऊंचे पेड़ों की तरह तुरंत नज़र नहीं आते। इसके बावजूद वे विविधता से भरपूर हैं और कई अनोखे जानवरों का घर हैं।
सूखे मौसम में कैसे बचता है पीट?
आर्कटिक जैसी ठंडी जगहों पर ज़्यादा बारिश और कम वाष्पीकरण के कारण पीट आसानी से पनपता है। इसके उलट सेराडो में सूखे के मौसम के दौरान लगातार चार या पांच महीने तक बारिश की एक बूंद नहीं गिरती।
यहाँ का तापमान भी आर्कटिक से कहीं अधिक रहता है। इसके बावजूद यह पीट हज़ारों वर्षों से नष्ट हुए बिना बना हुआ है। इसका रहस्य ज़मीन के नीचे मौजूद पानी का विशाल भंडार है।
बरसात के मौसम में भूजल का स्तर बढ़ जाता है और सूखे के मौसम में यही पानी सतह के करीब आकर पीट को नमी देता रहता है। यह पीट मिट्टी पानी को लंबे समय तक रोक कर रखती है।
इसलिए तेज़ धूप और गर्मी के बावजूद इसकी नमी जल्दी खत्म नहीं होती। यही कारण है कि एकदम सूखे परिदृश्य के बीच अचानक ये दलदली ज़मीनें उभर कर नज़र आती हैं।
सेराडो में पानी का इतना विशाल भंडार है कि यह ब्राज़ील के 12 प्रमुख जलमार्गों में से आठ को पानी देता है। इनमें से कुछ नदियाँ अमेज़ॅन नदी में जाकर मिलती हैं।
ज़मीन के 13 फीट नीचे की सच्चाई
चूंकि यह कार्बन ज़मीन की गहराइयों में जमा होता है, इसलिए सैटेलाइट की मदद से इसका पता लगाना नामुमकिन था। वेरोना ने खुद सेराडो के अलग-अलग हिस्सों में जाकर मिट्टी के नमूने जमा किए।
उन्होंने ज़मीन के 13 फीट नीचे तक ड्रिलिंग करके पीट के अंश निकाले। इन नमूनों से साबित हुआ कि यह दलदली ज़मीन प्रति हेक्टेयर 1,300 टन से अधिक कार्बन रोक कर रखती है।

अमेज़ॅन के पेड़ सूरज की रोशनी पाने के लिए बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं। दूसरी तरफ सेराडो का पीट हज़ारों सालों की धीमी प्रक्रिया से कार्बन जमा करता है।
सोयाबीन की खेती और आग का खतरा
ब्राज़ील में अमेज़ॅन के जंगलों को बचाने के नियम काफी सख्त हैं। इसी वजह से सोयाबीन की खेती करने वाले बड़े कारोबारी अब सेराडो का रुख कर रहे हैं।
सूखे के मौसम में खेतों की सिंचाई के लिए किसान उसी भूजल का भारी इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पीट को बचाए रखता है।
लारिसा वेरोना का साफ कहना है कि सिर्फ ज़मीन को बचाने से कुछ नहीं होगा। अगर हम इस पानी को नहीं बचा पाए, तो हम इस कार्बन को भी नहीं बचा पाएंगे।
सेराडो का मौसम अब पहले से ज़्यादा गर्म हो रहा है और सूखा लंबा खिंचने लगा है। पानी की कमी से पीट सूखने लगा है।
भूमिगत आग और पर्यावरण का नुकसान
घास के इन मैदानों में आग लगना एक आम बात है। ऐतिहासिक रूप से ज़मीन के नीचे का पानी पीट को नमी देकर आग से बचाता रहा है।
लेकिन अब सूखता हुआ पीट इस आग के लिए एक खतरनाक ईंधन बन रहा है। ये पीट आग ज़मीन के नीचे धीरे-धीरे सुलगती रहती हैं और सामान्य जंगल की आग की तुलना में कहीं अधिक समय तक जल सकती हैं।
इस आग से भारी मात्रा में ग्रीनहाउस गैसें निकलती हैं जो धरती को और ज़्यादा गर्म कर रही हैं। साथ ही इससे निकलने वाले खतरनाक कण इंसानी सेहत को सीधा नुकसान पहुँचा रहे हैं।
एक बार खोया तो वापस नहीं मिलेगा
वैज्ञानिकों के पास अब इस बात का पूरा डेटा है कि सेराडो की ज़मीन के नीचे कितना कार्बन मौजूद है। इस जानकारी ने ज़मीन और पानी के संरक्षण को एक तत्काल ज़रूरत बना दिया है।
वेरोना की एक चेतावनी हमें गंभीरता से सोचनी चाहिए। हम इस पारिस्थितिकी तंत्र को तो फिर से बहाल कर सकते हैं, लेकिन एक बार वायुमंडल में उड़ चुके कार्बन को वापस ज़मीन में लाना पूरी तरह से असंभव है।

