भारत के कई राज्य इस वक्त भीषण हीटवेव की चपेट में हैं। 20 अप्रैल की दोपहर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा और पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्तमान में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। इस भीषण गर्मी का सीधा असर नवजात बच्चों, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
आखिर यह अलर्ट कब जारी होता है? मौसम विभाग के अनुसार, जब मैदानी इलाकों का तापमान 40°C तक पहुंच जाए और यह सामान्य से 4.5°C से 6.4°C अधिक हो, तब आधिकारिक तौर पर हीटवेव घोषित होती है।
विभाग ने कई इलाकों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह तापमान आम लोगों के लिए तो सहने योग्य होता है, लेकिन कमजोर स्वास्थ्य वाले वर्गों के लिए यह चिंता का विषय बन जाता है।
आगे के लिए चेतावनी और बचाव
मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 24 अप्रैल तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है। लोगों को हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर ढंक कर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में 24 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी का अनुमान है। सूखी गर्मी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश के लोग गंभीर उमस का सामना कर रहे हैं।
किसानों के लिए भी विशेष एडवायजरी जारी की गई है ताकि फसलों को बचाया जा सके। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में किसानों को मक्का, मूंग, उड़द और सब्जियों की खड़ी फसलों में जरूरत के हिसाब से हल्की सिंचाई करने का निर्देश दिया गया है।
अपने जिले के मौसम अलर्ट और हीटवेव की सटीक व अद्यतन जानकारी के लिए आप मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ( mausam.imd.gov.in) पर जा सकते हैं।

